मुरैना की सड़कों पर केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने निकाली जन जागरण यात्रा


 Satyakam News | 24/11/2021 9:37 PM


मुरैना। मुरैना कांग्रेस ने भाजपा की केन्द्र सरकार और महंगाई के खिलाफ बुधवार को जन जागरण यात्रा निकाली है। इस यात्रा के माध्यम से केन्द्र सरकार की एक-एक नीति को कठघरे में रखा है। लोगों से पूछा है कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार मिट गया। क्या अच्छे दिन आ गए। पहले जितनी तरल करेंसी मार्केट में थी उससे कहीं ज्यादा नोटबंदी के बाद आ गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाए हैं। कांग्रेस की जन जागरण यात्रा को शहर के लोगों का जमकर समर्थन मिला। कई जगह पुष्प वर्षा की गई है।

जिला कांग्रेस कमेठी मुरैना के कार्यकारी जिला अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल ने कांग्रेस के जन जागरण अभियान की मुरैना में शुरुआत करते हुए मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए ।उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था चौपट हुई और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चेतावनी सच निकली। मनमोहन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी से GDP (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रॉडक्ट) में कम से कम 2% का नुकसान होगा और यह एक संगठित लूट एवं घोटाला है।

अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश से वादा किया था कि नोटबंदी से नकली करेंसी समाप्त हो जाएगी। भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा। काला धन खत्म हो जाएगा और आतंकवाद नष्ट हो जाएगा। तथ्य यह है कि नोटबंदी के पूर्व लगभग 17 लाख करोड़ की तरल नकद करेंसी के रूप में बाजार में थी जबकि आज की स्थिति में यह 28 लाख करोड़ है। यह 11 लाख करोड़ की अतिरिक्त मुद्रा कहां से आई है? क्या नोटबंदी के माध्यम से नकली नोट असली में परिवर्तित किए गए हैं? इसका जवाब इस सरकार को देना होगा। इस घोटाले पर सरकार की तरफ से कोई सफाई क्यों नहीं है? अग्रवाल ने पूछा कि क्या भ्रष्टाचार समाप्त हो गया है? क्या आतंकवाद नष्ट हो गया है? क्या काला धन वापस आ गया है? नहीं जुमला सरकार के इन जुमलों ने देश की अर्थव्यवस्था जरूर चौपट कर दी है।
महंगाई ने आम आदमी का गला घोंट दिया है

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अकेले पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाकर सरकार ने पिछले 1 साल में साढ़े तीन लाख करोड़ की अतिरिक्त कमाई की है। कहा गया था कि टीकाकरण कराना है तो महंगा पेट्रोल खरीदना पड़ेगा। टीकाकरण का खर्चा तो मात्र 20 हजार करोड़ है तो बाकी पैसे कहां गए? कहा गया है कि ऑइल बॉन्ड के कारण पेट्रोल महंगा देना पड़ रहा है। सरकार ने ऑइल बॉन्ड पर मात्र 35 सौ करोड़ का भुगतान ही किया है तो बाकी 3 लाख करोड़ अधिक कमाई कहां गई?

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