विकास के लिए राजनीतिक ध्रुवीकरण जरूरी


 Satyakam News | 14/08/2020 8:08 PM


अमित सेंगर

देश में आज एक क्रांति आई है या कहें कि राजनीति में भूचाल आ गया है कुछ वर्ष पहले एलपीजी लिब्रलाईजेशन, प्राईवटाईजेशन, ग्लोबलाईजेशन आने से पहले का समय आ गया है, जब देश में एक ही कम्पनी हुआ करती थी जो माल बनाकर देश में बेचा करती थी, जिससे ग्राहकों को परेशानियां आती थीं, क्योंकि एक ही कंपनी जो माल बनाकर जितने दर में बेचेगी लोगों को उसी दाम में खरीदना होगा, लेकिन एलपीजी आने के बाद ग्राहकों को बड़ा फायदा पहुंचा, क्योंकि हमारे देश में एक ही माल की कम्पनी थी और हमें माल में भी अच्छी गुणवत्ता मिलने लगी। इसी तरह कहें तो आज हमारे देश की राजनीति में एलपीजी से पहले का समय आने वाला है। देश  में अभी कई क्षेत्रीय पार्टी है जो अब धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर हैं या फिर ये कहें कि उन क्षेत्रीय पार्टी के एमपी व एमएलए बड़ी पार्टी में विलय हो रहे हैं, लेकिन अब कुछ राष्ट्रीय दल भी अपनी मान्यता गंवाने वाले हैं, क्योंकि आज सरकार ने उन क्षेत्रीय पार्टी के एमपी व एमएलए को सोचने पर मजबूर कर दिया है जिससे वह पार्टी से इस्तीफा दे देकर बड़ी पार्टी में विलय हो रहे हैं। अभी हाल ही में देश में टैक्स अर्थव्यवस्था को लेकर जो बदलाव हुए हैं उनका अभी सही तरीके से किसी को भी पता होगा, कहा जाये तो देश को चला रहे हंै, उनसे पूछा जाये तो उनको भी नहीं पता होगा, हालाँकि वह देश चला रहे हैं लेकिन देश के बड़े-बड़े विशेषज्ञ बहस कर के सिद्ध कर देते हैं कि इससे फायदा पहुंचेगा और एक नुकसान पर बहस करता है, लेकिन इसका सही परीक्षण कैसे किया जाये। इसके लिए देश में पक्ष और विपक्ष का होना अति आवश्यक है। वैसे कहा जाये कि आज दुनिया में शक्तिशाली देश अमेरिका है, वहाँ पर भी दो राजनीतिक दल हैं जो अमेरिका को चलाने में सहायक बन रहे हैं, उसी तरह हमारे भारत में भी सभी राजनीतिक दलों का खात्मा कर दो बड़ी राजनीतिक पार्टी बनना चाहिए, जिससे देश व देश के लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

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