मप्र के मुखयमंत्री शिवराज की सराहनीय पहल


 Satyakam News | 21/05/2021 10:04 PM


मप्र में कोरोना महामारी के बीच तमाम दिल दहला देने के समाचारों के बीच दो खबर काफी सकून देने वाली सामने आई हैं!पहली मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जनहित में एक अच्छा कदम अच्छा कदम उठाने की और दूसरी खबर कि प्रदेश में कोरोना धीरे-धीरे काबू में आ रहा है! मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिन्होने कोरोना के कारण जान गंवाई है उनके परिजनों को सरकार एक- एक लाख रुपये की अनुग्रह राशी सौंपेगी! इनमें एक ही परिवार के यदि कई लोग शिकार हुये हैं तो प्रत्येक मृतक के हिसाब से राशी दी जायेगी! यह एक वाकई अच्छा कदम है जिसकी खुलकर प्रशंसा होनी चाहिये! हालांकि एक लाख की राशी बहुत ज्यादा नहीं होती ,इस मंहगाई में लाखों रुपये मात्र ईलाज और मृतक के कफन-दफन के इंतजाम में ही खर्च हो जाते हैं!इस बात को मुख्यमंत्री ने भी माना कि एक लाख राशी बहुत ज्यादा तो नहीं मगर फिर भी इससे पीड़ितों के जख्मों पर मल्लम तो लगाया ही जा सकता है! मगर हम यदि उत्तर प्रदेश और बिहार में मां गंगा की गोद में बहते सैकड़ो शव और प्रयागराज में मां गंगा के तट पर रेत में दफनाये गए हजारों शवों का विशलेषण करें तो यह राशी किसी भी नजरिय से कम नहीं है! मां गंगा में परिजनों द्वारा अपनो के शव बहाना व रेत में महज इसलिये दफन किये गये कि उनके पास उनके दाह-संस्कार के लिए पैसे नहीं थे!नर- पिशाचों ने दाह-संस्कार के बावत एक लकड़ी को पानी डालकर गीली कर दिया जिससे वजन बढ़ जाये दूसरे दाम भी रातों-रात आसमान पर पहुंचा दिये,दाह संस्कार में तकरीबन 20-22 हजार रुपये का खर्चा आ रहा था!चूंकि गरीबी के आलम में जहां दोनों समय खाना और कोरोना की दवा-दारु का इंतजाम नही हो सका वहां 20-22 हजार अति ही है! उस दृष्टी से एक गरीब के लिये एक लाख रुपये की राशी का आज भी काफी महत्व है! चूंकि रुपये मिलने की गांरटी होगी तो दाह-संस्कार के समय उधार भी आसनी से मिल जायेगा.हालांकि मप्र में शव बहाये जाने और पैसे के अभाव दफनाने काक्षकोई समाचार भी नहीं!

दूसरी खबर भी काफी राहत भरी है  की तमाम अव्यवस्थाओं व बदहाली के बावजूद प्रदेश में कोरोना की तेजी से फैलती लहर को सरकार प्रयासों ने धीरे-धीरे कम कर काबू में करने का सफल प्रयास किया है!यदि गत दिवश की रिपोर्ट को देखा जाए तो वर्तमान में प्रदेश में पाॅजिटिविटी रेट मात्र 6.9 रह गई है! नए संक्रमित मरीजों की संख्या 5065 रह गई!जबकि ठीक होकर अपने घर जाने वालों का आंकड़ा 10 हजार 337 था! इंदौर ,खंडवा व ग्वालियर में भी आश्चर्यजनक पाॅजिटिव मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है जो पिछलों दिनों काफी थी!सरकार ने अब बाकायदा अस्पतालों में आॅक्सिजन,बैंटिलेटर,बेड और कई तरह की सुविधाओं के प्रयाप्त इंतजामात कर लिये हैं! बावजूद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की परेशानी कम नहीं हुई है बल्कि बढ़ गई है, उन्हें और उनकी सरकार को आगे देखना है कि अब कोई लापरवाही न हो जिससे सारे किये कराऐ पर पानी फिर जाऐ वहीं उनकी एक लाख अनुग्रह राशी देने की घोषणा पर अफसरशाही कहीं पानी न फेर दे? पीड़ितों को तत्काल बिना चप्पल घिसवाये और बिना किसी किसी आना-कानी के अनुग्रह राशी मिलनी चाहिए!उन मृतक के परिजनों को भी जो कोरोना टेस्ट में तो निगेटिव आऐ थे मगर ईलाज के दौरान सिटी स्केन और एम आर आई में पाॅजिटिव रहे क्योंकि ऐसे परिजनों को अस्पताल प्रबंधन कोरोना से मृत्यु होने का डेथ सर्टिफिकेट देने में काफी अड़ांगा लगा रहे हैं।बहरहाल मुख्यमंत्री जी की पहल सराहनीय और कोरोना पर धीरे-धीरे नियंत्रण पाना भी तारीफ- ऐ- काबिल है और संतोषप्रद ही कही जायेगी। 

श्रीगोपाल गुप्ता

Follow Us